🍂मेरी कलम... 💔💔 बेरा नी मेरे जज्बात तू पढह भी स की नी , पर मेरी कलम रोज तन्ने थोड़ा-2 इन कागदा म लिखै स , किस खातर लिखै स रोज.... इब या बात मेरी कलम भी मेर त पूछै स , तू मौजूद स मेरे अल्फाज़ा म... बस तेरी मौजूदगी बयां करणा मेरी कलम रोज मेर त सीखै स !!! 💔💔 Anil kumar 🍁🍁
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